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आकाश रिक्त है इस रिक्तता को स्वयं में भर सारा ब्रह्माण्ड तुझमे समा जायेगा | फिर देख अपने अन्दर झाँक कर तू स्वयं रिक्त हो जायेगा ||
अथाह समंदर की गहराई में बसे, रज कड़ सामान इस अस्तित्व को, \"रचनाकार\" में विलीन होने दे | फिर देख अपने अन्दर झाँक कर, तेरा अहम् रिक्त हो जायेगा ||
खग रुपी इस मन को, विचारो के पिंजरे में मत बाँध, इसे मुक्त नभ में उड़ने दे | फिर देख अपने अन्दर झाँक कर, तेरा मन रिक्त हो जायेगा ||
आकाश रिक्त है............ |